*मौत*
रोहित ने हर रोज़ की तरह उस खोखे वाले को दस रुपये थमाए और एक सिगरेट और सेंटर फ्रेश लेकर अपनी पसंदीदा जगह पर जाकर बैठ गया l
दुकानों के पीछे इस कच्चे इलाके में सिर्फ गाय और स्मोकर्स ही दिखाई देते थे l जैसे ही सिगरेट जलाकर रोहित ने अपना पहला कश लिया, एक भिखारी जो सामने पड़े कचरे के ढेर में कुछ तलाश रहा था, उसके पास आ गया l
“साहब तीन दिन से कुछ नहीं खाया, भगवान के लिए कुछ पैसे दे दो” उसने रुआंसी आवाज़ में कहा
“अरे जा यार मुझे सब पता है, सबसे पैसे लेकर तू उसकी दारु पियेगा और कुछ नहीं..चल भाग यहाँ से” रोहित ने उसे फटकारते हुए कहा
भिखारी थोड़ी दूर जाकर जैसे ही बैठने लगा उसे चक्कर आया और वो गिर पड़ा l रोहित दूसरी तरफ नज़र किये बैठा था और कश पर कश खींच रहा था l सिगरेट खत्म होते ही रोहित जोर-जोर से खाँसने लगा और अचानक उसके सीने में जोर का दर्द हुआ l वो सीना पकड़कर बैठ गया l
भिखारी बेहोश पड़ा था, उसके पास पैसे नहीं थे, ‘मौत’ उसे बुला रही थी l
रोहित सीना पकड़े बैठा था, उसके पास पैसे थे, वो ‘मौत’ को बुला रहा था l
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